Home Latest क्या है G-20? क्या भारत बनेगा विश्व गुरु?

क्या है G-20? क्या भारत बनेगा विश्व गुरु?

0 comment

भारत ने पहली बार G20 समिट का आयोजन किय। वही भारत G20 की अध्यक्षता भी कर रहा था। जिसके अध्यक्ष है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और यह अध्यक्षता भारत के पास दिसंबर 2023 तक बनी रहेगी।
सबसे पहले अगर बात करें G20 के शुरुआत की तो वर्ष था 1991 जब इसकी स्थापना हुई और इसकी स्थापना के पीछे कई कारण थे और इन कारणों को सुलझाने के लिए दुनिया भर के बड़े देश एक कॉमन प्लेटफार्म बना कर समस्याओं को सुलझाने का समर्थन किया इसी समर्थन का नतीजा है G20। यह 20 देशो का समूह है वैसे तो इसमें 19 देशो का समुँह और एक यूरोपियन यूनियन शामिल है तो इस प्रकार कुल मिला कर इनको G20 समूह देश बोला जाता है । इस समूह में लगभग दुनिया की सभी बड़ी इकॉनमी वाले देश शामिल है वही यह समूह दुनिया के 75 प्रतिसत जनता को भी रिप्रेजेंट करता है और पूरी दुनिया का 60 प्रतिसत भूभाग इस G20 समूह देशो के अंतर्गत आता है इस समूह में शामिल देशो के नाम अगर गिनाये जाये तो सबसे पहले आता है भारत फिर अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, टर्की, यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स और यूरोपियन यूनियन शामिल है साथ ही समिट के दौरान ऐसा देश जो इसका मेंबर नहीं है उनमे से किसी एक को गेस्ट गेस्ट के तौर पे मीटिंग अटेंड करने के लिए बुलाया जाता है ।

G20 के स्थापना के पीछे के प्रमुख कारण:
इकनोमिक क्राइसिस:
90 के दसक में कई वर्तमान बड़े इकॉनमी वाले देश भयंकर इकनोमिक क्राइसिस को झेल रहे थे जैसे की 1990 में मेक्सिकन पेसो क्राइसिस 1997 में असिअन फाइनेंसियल क्राइसिस और 1998 में रुस्सियन फाइनेंसियल क्राइसिस इन सब से भारत भी अछूता नहीं था । 1991 में भारत की अर्थवयवस्था को दुनिया के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा खोलने के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था स्थायी नहीं थी जैसा की आज हम महसूस कर पा रहे हैं। इन्ही इकनोमिक क्राइसिस को देखते हुए G20 समिट में फाइनेंस मिनस्टर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। 1999 में बस 7 देश के फाइनेंस मिनिस्टर इस समिट में भाग लिए थे और इस समिट के अध्यक्ष थे कनाडा के फाइनेंस मिनिस्टर तो इन सब बातों से हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं की G20 समिट का योगदान देशो के फाइनेंसियल क्राइसिस को बेहतर तरीके से एक दूसरे का साथ देकर मैनेज करने के लिए एक २० देशो का कॉमन प्लेटफार्म है।

क्लाइमेट चेंज:
G20 देशो के साथ आने का अगला महत्वपूर्ण कारण था जलवायु परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए G20 समूह देशो को ग्रीन हाउस गैस को वातावरण में कम से कम रिलीज़ करने का एक निश्चित समयकाल निर्धारित किया है ऐसा इसलिए किया गया की जलवायुपरिवर्तन के कारण मौसम में अचानक बदलाव और पृथ्वी का टेम्प्रेचर में धीरे धीरे बदलाव इसका प्रमुख कारण है ,वैसे इसका विरोध कई डेवलपिंग देशो द्वारा किया जाता है और भारत भी उस विरोध में शामिल है इस विरोध का कारण है की डेवलपिंग देशो का कहना है की डेवलप्ड देश तो अपने देश को बेहतर बनाने के लिए पहले से ही सबसे ज्यादा ग्रीनहाउस गैस उत्पन्न कर चुके है और अब डेवलपिंग देशो द्वारा ग्रीन हाउस गैस उत्पन्न होता तो उसपे लगाम लगाया जा रहा है वैसे भारत ग्रीन एनर्जी पर काफी बेहतर काम कर रहा है और 2030 तक हम काफी हद तक ग्रीन हाउस को कम कर लेंगे।

banner

सतत विकास:
G20 देशो को साथ आने का अगला और सबसे महत्वपूर्ण कारण था सतत विकास
सतत विकास एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है, कि वर्तमान पीढी की आवश्यकताओं को पूरा करनें के साथ- साथ भावी पीढ़ियों की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई न हो और आज सतत विकास G20 देशो का अति आधुनिक और महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस मुद्दे से सम्बन्धित आज विश्व में अनेक कार्यक्रम कार्यान्वित किये गये हैं। जिसके अंतर्गत मानव विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक खुशहाली पर बात की जाती है।

G20 महत्वपूर्ण बिंदु:
अब बात करते है भारत में होने वाले G20 समिट के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर
G20 समिट होने से पहले शेरपाओं की बैठक होती है अब आप पूछेंगे ये शेरपा कौन है तो आपकी जानकारी के लिए बता दूँ समिट होने से पहले G20 देशो के प्रतिनिधि एक बैठक करते है जिसमे यह निर्णय लिया जाता है की किस किस मुद्दों पर समिट में बात होनी है देशो के इन्ही प्रतिनिधियों को शेरपा बोला जाता है । इस G20 समिट में भारत की तरफ से अमिताभ कांत यह भूमिका निभा रहे थे।

हर साल G20 में कुछ देश अपनी अपनी परेशानिया बता कर भाग नहीं लेते है इसी क्रम में इस साल भी रूस के प्रेसीडेंट ब्लादिमीर पुतिन ने उक्रैन वॉर का हवाला देकर इसमें प्रतिभाग नहीं लिया। वही मेक्सिकन प्रेजिडेंट अनड्रेस ओबराडोर हर साल की तरह समिट अटेंड करने के इच्छुक नहीं थे , मेक्सिको हर साल अपने इकॉनमी मिनिस्टर को भेज देता है समिट को अटेंड करने के लिए और अभी चीन के प्रेसिडेंट सी जिनपिंग की भी इस समिट में सहभागी नहीं हुए।
ऐसे ही 2021 के समिट में 6 मेंबर देशो ने G20 अटेंड नहीं किया था।
अमेरिका के राष्ट्रपति समिट के 2 दिन पहले ही पहुंच गए थे। जिसके मद्देनजर जोर शोर से तैयारियां की गयी थी। इसी के साथ भारत में G20 सफलता से संपन्न हुआ।

ऐसेही महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जुड़े रहिये भाईसाब के साथ।

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.