Home Latest भारत में है मिनी ब्राजील! | Vicharpur: Madhya Pradesh |

भारत में है मिनी ब्राजील! | Vicharpur: Madhya Pradesh |

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भाईसाब, क्या आपको पता है भारत में क्रिकेट को एक धर्म माना जाता है। फैंस क्रिकेटर्स की एक झलक पाने के लिए बेकरार रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से भारतीय फुटबॉल टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत ने हाल ही में दक्षिण एशियाई फुटबॉल फेडरेशन चैंपियनशिप, जिसे सैफ (SAFF) कहते हैं, के फाइनल में कुवैत को हराकर खिताब जीता था। टीम के पास सुनील छेत्री जैसा सुपरस्टार खिलाड़ी भी मौजूद हैं। लेकिन क्या आपको पता है भारत में एक ऐसा गांव भी जिसे मिनी ब्राजील भी कहा जाता है,ऐसा क्यों ? भाईसाब, इसका रहस्य हम अपने आज के लेख में खोलेंगे।

भाईसाब, आपकी जानकारी के बता दूं कि भारत का एक गांव ऐसा है, जहां फुटबॉल प्लेयर्स की फौज हो खड़ी हो गई है। हाल ही ‘मन की बात’ कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी ने एक वाक्या सुनाया कि एक बार जब वह मध्यप्रदेस के शहडोल गए तो उन्होंने एक लड़के से पूछा बेटा कहां से हो, जिस पर उस लड़के ने जवाब दिया मिनी ब्राजील से। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिनी ब्राजील के बारे में बताया गया। तो भाईसाब, ‘मिनी ब्राजील’ गांव की अपनी एक रोचक कहानी है और यहां किस तरह पनपा फुटबॉल, इसकी भी अनूठी कहानी है। भाईसाब, आपको पता होना चाहिए कि मध्यप्रदेश राज्य देश का दिल है। इस राज्य के शहडोल जिले से लगभग 4 किलोमीटर दूर एक गांव है विचारपुर। यह गांव ही मिनी ब्राजील के नाम से फेमस है। विचारपुर को मिनी ब्राजील इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह गांव उभरते हुए फुटबॉल प्लेयर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इस गांव के हर घर में फुटबॉल प्लेयर्स मौजूद हैं। यहां से अब तक 40 से ज्यादा फुटबॉलर्स निकले हैं, जिन्होंने नेशनल और स्टेट लेवल पर अपनी छाप छोड़ी है। आने वाले दिनों में ये खिलाड़ी इंटरनेशनल फलक पर छाने के लिए तैयार हैं।
भाईसाब, आपकी जानकारी के लिए इस रहस्य का भी खुलासा कर दें कि विचारपुर गांव में आखिर फुटबॉल पनपा कैसे? तो आपको बता दें कि करीब एक दशक पहले पूर्व नेशनल प्लेयर और कोच रईस अहमद ने यहां के युवाओं में फुटबॉल का बीज रोपा। अहमद ने युवा खिलाड़ियों की काबिलियत को पहचानकर उन्हें ट्रेनिंग दी और हीरे की तरह तराशा। उनके हौंसले से ही विचारपुर में फुटबॉल क्रांति की शुरुआत हुई। देखते-देखते विचारपुर गांव की फुटबॉल की वजह से पहचाने जाना लगा। अब शहडोल जिले के आसपास के कई क्लब बन चुके हैं, जहां अच्छा खेल खेलने के सभी संसाधन मौजूद हैं। रईस अहमद के द्वारा कई गई मेहनत अब रंग ला रही है। पूरे शहडोल जिले में लगातार फुटबॉल के मैच आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को कंपटीशन मिल सके। खिलाड़ियों की फिटनेस और सेहत पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शहडोल के मिनी ब्राजील के गांव का जिक्र किया।
भाईसाब, आपको जानकारी देना जरूरी है कि ‘फुटबॉल क्रांति’ कार्यक्रम का असर ऐसा हुआ कि शहडोल जिले में 1200 से अधिक फुटबॉल क्लब बन गए हैं। शहडोल से राष्ट्रीय स्तर पर उभरने वाले खिलाड़ियों की संख्या भी अब बढ़ रही है और निश्चित रूप से देश का यह हिस्सा अब देश की फुटबॉल नर्सरी बन गया है। वहीं हर गुजरते साल के साथ भारतीय फुटबॉल टीम में भी सुधार हो रहा है, शहडोल जिले से इतने सारे फुटबॉल खिलाड़ियों के उभरने से यह उम्मीद जगी है कि देश निश्चित रूप से इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानचित्र पर होगा।
तो भाईसाब, ये थी जानकारी भारत में मौजूद मिनी ब्राजील के बारे में, आशा करते हैं यह जानकारी आपको जरूर पसंद आई होगी, ऐसे ही अन्य रोचक जानकारी के लिए जुड़े रहें भाईसाब के साथ, धन्यवाद!

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