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ब्रज में होली की धूम शुरू | Vibrant Holi Celebrations in Braj

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Vibrant Holi Celebrations in Braj

भाईसाब, होली का पर्व आने में पूरे एक माह का वक्त बाकी है, लेकिन ब्रज की होली से संबंधित कार्यक्रम बसंत पंचमी के साथ शुरू हो चुके हैं, बता दें कि, ब्रज की होली विश्व प्रसिद्ध है, यहां फूल, गुलाल, लड्डू से लेकर लट्ठमार होली खेली जाती है, यहां उमंग और जोश एक अलग दी लेवल में देखने को मिलता है। इस खूबसूरत होली का आनंद लेने से देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग पहुंचते हैं, बसंत पंचमी के दिन वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद भगवान के गालों पर गुलाल लगाया जाता है, इसके बाद प्रसाद के रूप में गुलाल भक्तों पर डालकर बृज की होली महोत्सव का शुभारंभ हो जाता है…

नमस्कार, भाईसाब, मैं बताना चाहूंगा कि मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के साथ ही ब्रज के लगभग सभी मंदिरों में गुलाल उड़ाकर होली खेली गई और इसके साथ ही ब्रज में 40 दिवसीय होली उत्सव शुरू हो गया है, ब्रज के मंदिर में हर रोज सुबह सुबह भगवान कृष्ण को अबीर गुलाल लगाने की परंपरा भी शुरू कर दी गई है, भाईसाब, बता दें कि होलिका दहन 24 मार्च को है और होली का उत्सव 25 मार्च को मनाया जाएगा लेकिन ब्रज नगरी में अभी से होली की गजब रौनक देखने को मिल रही है, आपको पता होना चाहिए कि मथुरा, वृन्दावन और बरसाना की होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है, यहां राधा-कृष्ण गोपियों के साथ खेलते थे, बसंत का आगमन होते ही ब्रज में पूरे मंदिर को पीले फूलों से सजाया जाता है, यहां बसंत पंचमी के अवसर पर होली का डंडा गाड़ा जाता है। भाईसाब, अब हम आपको बताएंगे ब्रज में खेली जाने वाली होती का Datewise schedule जिसे जानने के बाद आपका भी मन करेगा, चलो देख आते हैं ब्रज की होली…तो भाईसाब, आपकी जानकारी के बता दें कि 17 मार्च को बरसाना में लड्‌डू की होली खेली जाएगी, ये पर्व द्वापर युग से मनाया जा रहा है, कहा जाता है कि नंदगांव से होली खेलने के लिए बरसाना आने का आमंत्रण स्वीकारने की परंपरा इस होली से जुड़ी हुई है, जिसका आज भी पालन किया जा रहा है। आमंत्रण स्वीकारने के बाद यहां सैकड़ों किलो लड्डू बरसाए जाते है, वहीं 18 मार्च को लठ्‌ठमार होली है, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को बरसाने में गोपियां बनीं महिलाएं नंदगांव से आए पुरूषों पर लाठी बरसाती हैं और पुरुष ढाल का इस्तेमाल कर खुद को बचाते हैं, इसी प्रकार 19 मार्च को नंदगांव में लठ्‌ठमार होली होगी, इसके बाद 20 मार्च को रंगभरनी एकादशी के अवसर पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होली के रंग देखने को मिलेंगे, वहीं 21 मार्च को ही गोकुल में छड़ीमार होली होगी, 24 मार्च को होलिका दहन और 25 मार्च को देश भर में रंगवाली होली खेली जाएगी।

चलते-चलते, भाईसाब, आपको बताना जरूरी है कि 21 मार्च को एकादशी के दूसरे दिन काशी के मणिकर्णिका घाट पर चिता की राख से होली खेली जाएगी, मान्यता है इस दिन शिव अपने प्रिय गणों भूत, प्रेत, पिशाच, दृश्य, अदृश्य, शक्तियों के बीच चिता की राख से होली खेलने घाट पर आते हैं, ब्रज में 40 दिन तक चलने वाली होली का आनंद लेने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में कान्हा की नगरी पहुंचते हैं और यहां होली का उत्सव मनाकर खुद को धन्य मानते हैं, ब्रज की होली का रंगनाथ मंदिर की होली के साथ इसका समापन होगा।

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