Home Latest निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को १९ साल के बाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। Nithaari Hatyakand |

निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को १९ साल के बाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। Nithaari Hatyakand |

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मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंदर कोली इन 2 लोगो के खिलाफ 19 मर्डर के FIR दर्ज किये गए थे। बाद में यह मामला बढता गया और CBI को दिया गया , उसके जाँच के बाद ये FIR का आकड़ा घटकर 16 हो गया। आगे बढ़ने के बाद यह केस एक नया मोड़ लेता है जिसमे 1 आरोपी पर 6 FIR आरोपित किये जाते है और मुख्य आरोपी पर 16, अब इस जाँच की चार्जशीट फाइल होती है और सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाता है। सीबीआई कोर्ट 1 आरोपी पर 2 मामलों में फांसी की सजा सुनाती है वही मुख्य आरोपी को 12 मामलों में फांसी की सजा सुनाती है।

निठारी हत्याकांड का मामला संक्षिप्त में :
मामला कुछ ऐसा था के नोएडा के सेक्टर 31 से बचे और बच्चीयों के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई जाती है। पुलिस द्वारा रिपोर्ट लिखवाने वाले लोगो से ये पूछा जाता है की , ‘आपको किस पर शक है ये लोग बताते है की बिजनेसमैन मनिंदर सिंह पंढेर के उसके घरेलू नौकर सुरेंदर कोली पर शक है ‘। हालांकी ये गरीब लोग थे तो पुलिस इनकी बातो को आये-बाए ले रही थी। तभी उस इलाके में अफवाह उड़ता है की D5 कोठी के बगल के नाले में बच्चो के कटे हुए शरीर के अंग मिले है इस अफवाह को जांचने के लिए रिपोर्ट लिखवाने वाले लोग वहा जाते है और उस गंदे नाले में उतर कर खुद ही अपने बच्चों को ढूढ़ने लगते है तभी उनको एक कटा हुआ हाथ मिलता है और एक एक बाद एक ऐसा स्थानीय लोगो द्वारा बोला जाता है की 19 बच्चों के लाशो की शिनाख्त की जाती है। अब सेक्टर 20 के पुलिस जहां रिपोर्ट लिखवाई गयी थी वहां से पुलिस पहुँचती है चूँकि D5 कोठी में सुरेंदर कोली मनिंदर सिंह पंढेर का नौकर बन कर रहता था उसको शक के बुनियाद पे गिरफ्तार किया जाता है । अब मामला आगे बढ़ता है सीबीआई को जाँच हैंडओवर किया जाता है और सीबीआई सुरेंदर कोली का नार्को टेस्ट भी करती है। ये सारी जाँच होने के बाद खुलाशा होता है की मनिंदर सिंह पंढेर एक ऐयाश आदमी है जो D5 कोठी पर कॉल गर्ल बुलाता था और इसमें उसकी मदद सुरेंदर कोली करता था कभी कभार किसी नाबालिग बच्ची को भी सुरेंदर कोली टॉफी चॉक्लेट का लालच देकर अपने मालिक के पास ले जाता था जहाँ उन बच्चो के साथ हैवानियत की जाती उनको मारा जाता था और उनके मांस को पका कर खाया भी जाता था यह खुलासा होने के बाद पुरे देश और दुनिया में हड़कंप मच गया और सीबीआई ने मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंदर कोली को गिरफ्तार किया और केस चलता रहा ।
आज लगभग १९ साल बाद मनिंदर सिंह पंढेर सुरेंदर कोली को सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गयी फांसी की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनते हुए कहा की आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबुत सीबीआई द्वारा ना प्रस्तुत कर पाने के वजह से सारे केस से आरोपियों को बरी किया जाता है । ऐसा पहली बार हुआ है की 16 मामलो में फांसी की सजा पाने के बावजूद आरोपी बरी हो गए है और अब वो जेल से रिहा हो जायेंगे।

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