Home Dhanda Pani देश में ‘Middle Class’ का दर्द | Struggle of an Indian Middle Class

देश में ‘Middle Class’ का दर्द | Struggle of an Indian Middle Class

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Struggle of an Indian Middle Class

भाईसाब, क्या आपको पता है, इस दुनिया सबसे ज्यादा पिसता कौन हैं ? शायद हम में से ज्यादातर लोग बस, एक ही जवाब देंगे ‘Middle Class’, ये बात 100% सच है…बाजार हो या राजनीति, सबके Target में बस ‘Middle Class’ ही होता है…क्योंकि एक ‘Middle Class’ के घर में ख़ुशियाँ 1 तारीख को Salary आने से शुरू होती है और 20 तारीख तक पैसे ख़त्म होने पर ख़त्म हो जाती हैं, दोस्तों..आपको बताना जरूरी है कि, जहाँ खर्चों से पहले बचत का हिसाब लगाया जाता है और बेटी की शादी के लिए उसके पैदा होते ही पैसा बचाया जाता है, उसे ‘Middle Class’ कहते हैं, जहां नए कपड़े जन्मदिन या त्यौहारों पर मिलते हैं, उसे ‘Middle Class’ कहते हैं! जहां सप्ताह भर काम करके जिंदगी सिर्फ रविवार को जीते हैं, उसे ‘Middle Class’ कहते हैं…जहां मेहमानों के आने पर ही कप के नए सेट, नए बर्तन निकाले जाते हैं, उसे ‘Middle Class’ कहते हैं और.. जहाँ बेहतर कल की उम्मीद में हर रोज मरते-मरते जीते हैं, उसे ‘Middle Class’ कहते हैं!

भाईसाब, हमारी society को 3 class में divide किया गया है, Upper Class, ‘Middle Class’ और Lower class.. लेकिन हम आज सिर्फ ‘Middle Class’ के बारे में ही बातें करेंगे…दोस्तों.. ‘Middle Class’ फैमिली का मतलब दिखावें का सारा समान उपलब्ध होना, पर दिमाग हर समय उलझा रहना, आफिस की झिक-झिक से लेकर बीवी-बच्चों की किचकिच तक.. और ‘Middle Class’ 20–25 साल के लड़के के future की बात करें तो… ‘Middle Class’ लड़के बेचारे… पढ़ना कुछ और चाहते हैं, पढ़ाया कुछ और जाता है, बन कुछ और जाते हैं..पसन्द किसी और को करते हैं, प्यार किसी और का मिलता है, शादी किसी और से हो जाती है… चाय बना लेते हैं, कर्ज़ लेने और देने में जरा सी भी देरी नही करते ! रिश्तेदारों को शहर घुमाने की जिम्मेदारी यही निभाते हैं…और हां एक खास विशेषता है होती है इन ‘Middle Class’ लड़कों में, 4जी फोन लेने में इन्हें साल भर लगता है, गैस भरवाने की जिम्मेदारी, सुबह दूध और शाम की सब्जी लाने जैसा कठिन और दर्दनाक काम भी यही करते हैं! खुद की प्रेमिका की शादी में ‘नागिन डांस’ करने का गौरव केवल इन्हें ही प्राप्त है। भाईसाब, शायद  ‘Middle Class’ लड़कों की एक और विशेषता सुनकर आपको हंसी जरूर आएगी, LUCENT जो एक इंग्लिश GK की BOOK है, इनकी जिंदगी में उस GIRLFRIEND की तरह होती है जो साथ तो रहती है लेकिन समझ कभी नहीं आती, Reasoning के प्रश्न चुटकी में हल कर देने वाले ये  ‘Middle Class’ लड़के खुद की जिंदगी की समस्याओं में उलझे रह जाते हैं…घर और अपनी ‘ जान ‘ से किसी लायक बनने का वादा करके निकले ये  ‘Middle Class’ लड़के जब तक लायक हो के घर लौटते हैं, तब तक उनकी जान ‘दो चार जानो’ की ‘जननी’ बन चुकी होती है! पापा की बेइज्जती इन्हें कतई पसन्द नही आती, पापा से खूब फटती भी है। मम्मी से अक्सर रुडली बात करने के बावजूद मां के गोद मे सर रख कर रोने वाले ये लड़के  बहुत कमजोर भी होते हैं, जिम्मेदारियां जल्दी निभाना सीख जाते हैं, रिश्तेदारों के तमाम अडंगों के बावजूद मां – बाप का विश्वास कैसे बनाये रखना है इन्हें बखूबी आता हैI चीटिंग कभी कर नहीँ पाते क्योंकि मौका ही नहीं मिलता, इश्क़ करने की औकात ही नहीं क्योंकि रिजेक्शन झेलने की हिम्मत नहीं, कोई इनपर ‘ you are cheap’ का आरोप नहीं लगाता क्योंकि इनकी शादियां अक्सर अरेंज्ड ही होती हैं, Ofcourse रिश्तेदारों द्वारा…इनका इश्क़ अक्सर अधूरा रह जाता है, इनके सपने, इनकी जिंदगी सब अधूरी…

वैसे भाईसाब, इस सच्चाई से भी नकारा नहीं जा सकता है कि, 2047 तक देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में ‘Middle Class’ का ही सबसे बड़ा योगदान रहेगा, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, भारत की कुल आबादी में ‘Middle Class’ की हिस्सेदारी 60% से ज्यादा हो जाएगी, हाल के एक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 में भारत की कुल आबादी में ‘Middle Class’ का हिस्सा 30 फीसदी था, यह अगले 10 सालों यानी वित्त वर्ष 2031 तक बढ़कर 47% और वित्त वर्ष 47 तक 61% हो जाने की उम्मीद है, दूसरे शब्दें में कहें तो जब भारत आजादी के 100 साल पूरे कर रहा होगा, तब भारत में  ‘Middle Class’ के लोगों की संख्या 1 अरब से ज्यादा हो जाएगी, दोस्तों ये भी जान लें कि, जैसे-जैसे भारत में ‘Middle Class’ के लोगों की संख्या बढ़ेगी, भारत की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ती जाएगी, SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2047 तक 61% आबादी वाले ‘Middle Class’ की Yearly INCOME 5 लाख रुपये से 30 लाख रुपये हो जाने वाली है और वित्त वर्ष 2047 तक 56.5 करोड़ लोग टैक्सेबल बेस के दायरे में आ जाएंगे, दोस्तों, देखा जाए तो आज देश में 5 लाख से 30 लाख रुपये सालाना आय वाले 30% परिवार हैं, इन्‍हें ‘Middle Class’ में रखा गया है, कमाई से लेकर खर्च और बचत में ‘Middle Class’ सबसे आगे हैं, आबादी में ‘Middle Class’ की हिस्‍सेदारी 31 प्रतिशत है।
चलते-चलते, भाईसाब आपको बताना जरूरी है कि एक EMOTIONS आज भी हमारी Society में इन्हीं ‘Middle Class’ की वजह से बचा हुआ है, ‘Middle Class’ परिवार में पड़ोसी के घर से अगर कुछ खाने का सामान आ जाए तो उनको बर्तन खाली नहीं दिया जाता बल्कि कुछ न कुछ रख कर दिया जाता है।

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