Home Latest देश में तेजी से बढ़ा ‘रिलीजियस टूरिज्म’ | Religious Tourism boosts in India

देश में तेजी से बढ़ा ‘रिलीजियस टूरिज्म’ | Religious Tourism boosts in India

0 comment
Religious Tourism boosts in India

भाईसाब, क्या आपको पता है वर्तमान में धार्मिक पर्यटन एक विशिष्ट बाजार है, जिसमें लोग धार्मिक स्थलों, तीर्थ स्थलों को देखने के लिए देश और विदेशों में यात्रा करते हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य कार्यक्रम होने वाला है। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। वहीं वर्तमान में भारत में रिलीजियस टूरिज्म यानी धार्मिक पर्यटन ने आर्थिक विकास के नए द्वार खोले हैं। आज के इस वीडियो हम रिलीजियस टूरिज्म के बारे में चर्चा करेंगे और जानेंगे कि, आखिर क्यों इसकी वजह आज देश की अर्थव्यवस्था को गति मिली है?

भारत में ज्यादातर मध्यवर्गीय परिवार ऐसे हैं जो टूर पर जाने का खर्चा नहीं उठा पाते हैं, ऐसी स्थिति में वो ज्यादा से ज्यादा मंदिरों की यात्रा करते हैं ताकि इस यात्रा के बहाने वह एक तीर्थ स्थल का दर्शन भी कर लें और वह क्षेत्र घूम भी सकें। धार्मिक पर्यटन में घरेलू पर्यटकों का योगदान सबसे ज्यादा है। भाईसाब, आपको बताना चाहेंगे कि साल 2022 में पूरे भारत में 1731 मिलियन अधिक घरेलू पर्यटक आए, जिसमें से 30 प्रतिशत से ज्यादा पर्यटक धार्मिक पर्यटन के उद्देश्य से यात्रा पर थे। भाईसाब, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में टूरिज्म 4 गुना बढ़ जाएगा। योगी के इस भविष्यवाणी को काशी विश्वनाथ के आंकड़े कहीं न कहीं सच साबित करते हैं। काशी विश्वनाथ में जीर्णोद्धार के बाद सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से पर्यटकों की संख्या बढ़ गई। आंकड़े बताते हैं कि जहां एक साल पहले तक जहां 80 लाख पर्यटक आते थे वहीं 2021 में हुए जीर्णोद्धार के बाद एक साल में करीब 7 करोड़ 20 लाख लोग आए। इतना ही नहीं साल 2022 तक काशी विश्वनाथ का दान 500 फीसदी तक बढ़कर 100 करोड़ हो गया। भाईसाब, देश में अजमेर शरीफ, सारनाथ, महाबोधि मंदिर, तिरुपति बालाजी स्वर्ण मंदिर, वैष्णो देवी सहित भारत में ऐसे कितने तीर्थ स्थान है जहां साल भर पर्यटकों या श्रद्धालुओं का आना जाना बना रहता है। वहीं तीर्थस्थल से कमाई का आंकड़ा दोगुना रफ्तार में आगे बढ़ा है, विशेषज्ञों की मानें तो अगर अगर आस्था से व्यापार ऐसे ही बढ़ता रहा तो देश कोरोना से पहले वाली ग्रोथ स्पीड में जल्द ही आ जाएगा। वहीं मंदिरों से कमाई नए आंकड़े भी हैरान करने वाले हैं, बता दें कि साल 2022 में मंदिरों से कुल कमाई 1.34 लाख करोड़ हुई, जो 2021 में 65 हजार लाख के आसपास थी, इससे एक साल पहले यानी साल 2020 में 50,136 करोड़, 2019 में 2,11,661 करोड़ और 2018 में 1,94,881 करोड़ की कमाई हुई थी। भाईसाब, आपको बता दें कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं, जैसे की पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही प्रसाद योजना, इस योजना के तहत सेलेक्टिव तीर्थ स्थानों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने निशुल्क तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत 7 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को निशुल्क तीर्थ यात्रा कराई जाती है, इसी तरह देश के कई राज्यों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

चलते-चलते भाईसाब, ये भी बताते चलें कि देश में धार्मिक पर्यटन के विकास में अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं, जैसे कि प्रशासन में व्यापक भ्रष्टाचार भी धार्मिक पर्यटन के विकास में बहुत बड़ी बाधा है, दिव्यांग लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास में कमी है। यही कारण है कि दिव्यांग लोग कई धार्मिक स्थलों पर नहीं जा पाते, भारत धार्मिक पर्यटन एक बहुआयामी उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में भारत इस क्षेत्र में खुद को वैश्विक उद्योग के रूप में स्थापित कर सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है कि पर्यटन की क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों को दूर किया जाए।

banner

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.