Home Gali Nukkad क्षेत्रीय दलों में संकट | Regional Parties Facing Crisis

क्षेत्रीय दलों में संकट | Regional Parties Facing Crisis

0 comment
Regional Parties Facing Crisis

भाईसाब, आगामी लोकसभा चुनवा में देश की राजनीतिक का ‘ऊंट किस करवट बैठता है’, अभी कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन एक बात साफ है, देश में जो BJP की एक लहर रही है, उसमें क्षेत्रीय दलों में संकट गहराता जा रहा है, वो चुनाव जीतने से ज्यादा अपने अस्तित्व को बचाने में लगे हैं, जाहिर सी बात जब अस्तित्व ही नहीं रहेगा तो, राजनीति किस काम की रहेगी, ऐसा ही कुछ हो रहा है, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में, जहां राजनीतिक घमासान के बीच कुछ दल जीत-हार की लड़ाई से अधिक अपनी पहचान बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

भाईसाब, केरल में जहां वामपंथी दलों के सामने अस्तित्व की लड़ाई हैं तो तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक को भी इसी संकट का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कर्नाटक में पहचान बचाने का संकट जनता दल-एस यानी JDS के सामने भी खड़ा है, तो महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP भी ऐसे ही संकट से जूझ रही है। भाईसाब, सबसे पहले बात करते हैं तमिलनाडु की, जहां पिछले 6 दशक से क्षेत्रीय दलों का वर्चस्व कायम है, तमिलनाडु की सत्ता पर कभी द्रमुक तो कभी अन्नाद्रमुक काबिज होती रही है, अन्नाद्रमुक की करिश्माई नेता जे. जयललिता के निधन के बाद पार्टी अपना वजूद बचाने में जुटी है, लगभग 3 दशक तक राज्य की सत्ता में रही अन्नाद्रमुक के सामने पार्टी को एकजुट रखना टेढ़ा काम है, पिछले लोकसभा चुनाव में महज एक सीट पर सिमटी इस पार्टी को करिश्माई नेतृत्व की तलाश है जो फिलहाल कहीं नजर नहीं आ रहा। भाईसाब, जो संकट तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के सामने है, उसी संकट से केरल में वामपंथी दल गुजर रहे हैं, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में हाशिए पर आ चुके वामपंथी दलों के लिए केरल अब आखिरी गढ़ के रूप में बचा है। भाईसाब, केरल में पिछले लोकसभा चुनाव में 20 में से एक सीट पर जीत हासिल करने वाले वामपंथी दलों के लिए आने वाला चुनाव बड़ी चुनौती है, भाईसाब, आपको बताना जरूरी है कि राज्य में भाजपा का आक्रामक प्रचार अभियान बड़ी चुनौती है, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में अछूत समझे जाने वाली भाजपा आज इन प्रदेशों में बड़ी ताकत बन चुकी है, वामपंथी दलों का नेतृत्व अपनी ताकत बढ़ाने की जगह भाजपा को रोकने में अपनी ताकत लगा रहा है, इसका उसे नुकसान भी हो रहा है, भाईसाब, अगर इस बार केरल में वामपंथी दल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो यह राज्य भी हाथ से फिसल सकता है। भाईसाब, अगर कर्नाटक की बात करें तो यहां JDS बिखराव के कगार पर है, कर्नाटक में वजूद की लड़ाई से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी. देवेगौड़ा की पार्टी को दो-चार होना पड़ रहा है, बता दें कि, पिछले लोकसभा चुनाव में खुद देवगौड़ा को हार का स्वाद चखना पड़ा था, 20 साल पहले राज्य विधानसभा की 50 सीटों पर जीत दर्ज करने वाला JDS पिछले चुनाव में सिर्फ 19 सीटें ही जीत सका, सत्ता के लिए कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा से हाथ मिलाना JDS के लिए नुकसान का सौदा साबित हो रहा है। भाईसाब, आखिर में बात महाराष्ट्र की, यहां क्षत्रप भी संकट में है, यहां अपने आप को बचाए रखने की जो चुनौती शिव सेना के सामने है, उसी चुनौती से मराठा क्षत्रप शरद पवार को भी जूझना पड़ रहा है, उद्धव ठाकरे के सामने संकट यह है कि लोकसभा चुनाव में अगर मतदाताओं का साथ नहीं मिला तो 7 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव तक पार्टी को और झटकों का सामना करना पड़ सकता है, शिवसेना ने बगावत का दौर पहले भी देखा है, इतना जरूर है कि तब एकाध नेता नाराज होकर पार्टी से अलग हुआ करते थे, भाईसाब, अब माहौल एकदम बदल गया है, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार को विरोधियों की नित नई चालों का मुकाबला करना पड़ रहा है, उनके सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि उनके ही भतीजे अजित पवार लगातार हमलावर होते जा रहे हैं।

चलते-चलते भाईसाब, एक सच्चाई आपको बताते चलें, पिछले आठ सालों में भाजपा को दो मोर्चों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है, एक है कांग्रेस और दूसरा राज्य स्तरीय पार्टियां, कांग्रेस का सामना करना तो फिर भी भाजपा के लिए आसान रहा है लेकिन क्षेत्रीय पार्टियों ने अधिक मुश्किलें खड़ी की हैं, झामुमो से लेकर तृणमूल कांग्रेस तक राज्य की पार्टियां भाजपा के खिलाफ खड़ी दिखी हैं, लेकिन शिवसेना में विभाजन बताता है कि क्षेत्रीय दलों का भी भविष्य भी बहुत उज्ज्वल नहीं हैं, भाजपा को अपना प्रभुत्व बढ़ाने और मजबूत करने के लिए जरूरी है कि क्षेत्रीय दल का कम हों, भाजपा की इस आवश्यकता के संदर्भ में देखें तो शिवसेना का पतन एक ऐसी प्रवृत्ति का प्रतीक है जिससे भाजपा को लाभ हो सकता है।

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.