Home Gali Nukkad 2019 में पुलवामा-2024 में राम मंदिर | Pulwama to Ram Mandir: 5-Year Political Journey

2019 में पुलवामा-2024 में राम मंदिर | Pulwama to Ram Mandir: 5-Year Political Journey

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Pulwama to Ram Mandir: 5-Year Political Journey

भाईसाब, क्या आपको पता है, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 5 साल पहले भीषण आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें भारत ने अपने वीर 40 जवानों को खो दिया था, यह हमला भारत के इतिहास में इंडियन आर्मी पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक है, आतंकवादियों की इस कायरता भरे हमले ने हर एक भारतीय को अंदर से झकझोड़ कर रख दिया था और हर हर किसी की आंखे नम हो गई थीं. हालांकि, कुछ ही दिन बाद भारतीय सेना ने भी इस का कायराना हरकत का मुंह तोड़ जवाब दिया था, इसके जवाब में भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाते हुए एक हवाई हमला किया था। लेकिन, भाईसाब उसके बाद पुलवामा अटैक को लेकर देश में जमकर राजनीति भी हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र पर पर आरोप भी लगे कि उन्होंने पुलवामा के शहीदों के नाम पर लोगों से वोट मांगा।

भाईसाब, आपको जानना जरूरी है कि लोकसभा 2024 की चुनावी रणभेरी बज चुकी है, सभी दल नीतियों और गठजोड़ के स्तर पर अपनी-अपनी गोटियां फिट करने में जुट गए हैं, बीजेपी जहां पीएम मोदी के फेस के दम पर 2019 दोहराने की तैयारी में जुटी हुई है, वहीं, कांग्रेस 2014 और 2019 चुनाव की कड़वी यादों को भुलाकर महागठबंधन के जरिए मोदी फैक्टर को मात देने के लिए नए सिरे से समीकरणों को साधने में जुटी हुई है. आपको बता दें कि 2014 में मोदी ने महंगाई, रोजगार, भ्रष्टाचार, पारदर्शी सरकार, स्वास्थ्य और राम मंदिर आदि मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में पुलवामा और बालाकोट हमले ने पक्ष-विपक्ष की सियासत को बदल डाला, इस मुद्दे को लेकर मोदी ने लोगों से पुलवामा के शहीदों के नाम वोट करने की भावुक अपील की थी, मोदी पहली बार मतदान करनेवाले युवाओं से अपना मत बालाकोट एयर स्ट्राइक और पुलवामा शहीदों के नाम करने का आग्रह किया था, उनकी इस अपील पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया था, विपक्ष ने चुनाव आयोग से आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत भी की थी, हालांकि चुनाव आयोग ने पुलवामा अटैक पर बयान को लेकर मोदी को यह कहते क्लीनचिट दे थी कि मोदी ने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया, वहीं कांग्रेस नेता और अन्य विपक्षी दलों आयोग की कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाया था, भाईसाब, अब सवाल उठता है कि लोकसभा 2024 में क्या राम मंदिर BJP बेड़ा पार करेगा ? तो एक सर्वे के मुताबिक ज्यादातर लोगों का जवाब ‘हां’ था, आपको मालूम होना चाहिए कि मोदी ने इस साल 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की थी, इस समारोह में देशभर की कई हस्तियां और साधू-संत शामिल हुए थे, वहीं, केंद्र सरकार ने तीन तलाक को भी खत्म कर दिया था, भाईसाब इतना ही नहीं मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A हटाकर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था, साथ ही राज्य का विशेष दर्जा भी खत्म कर दिया था. वहीं, आगामी लोकसभा चुनावों से पहले भी पीएम मोदी कुछ और क्रांतिकारी कदम उठाने का ऐलान कर चुके, दूसरी ओर हाल ही में किये गये एक सर्वे के मुताबिक इससे उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है, हालांकि, उनकी पॉपुलैरिटी सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार मुक्त शासन है. भाईसाब, देश में सबसे लंबे वक्त तक सरकार चलाने वाली कांग्रेस के लिए ये चुनाव एक तरह से अस्तित्व की लड़ाई की तरह है, भारतीय राजनीति में इस वक्त कांग्रेस की हालत उस नैया की तरह है, जो भविष्य में किस किनारे पर जाकर लगेगी, ये 2024 के लोक सभा चुनाव नतीजों पर निर्भर करेगा, कांग्रेस विपक्षी दलों के गठबंधन के जरिए बीजेपी को चुनौती देने के लिए मेहनत तो जरूर कर रही है, लेकिन 2024 उसके ख़ुद के अस्तित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, भाईसाब भले ही वो या विपक्षी गठबंधन बीजेपी को सत्ता से हटाने में कामयाब न हो पाए, लेकिन 2024 के चुनाव नतीजों में कांग्रेस अगर अपना प्रदर्शन बेहतर नहीं कर पाती है, तो पार्टी के भविष्य के लिए बेहद ही चिंताजनक स्थिति हो सकती है. भाईसाब, राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि, जहां 2019 लोकसभा चुनाव में पुलवामा अटैक को लेकर जमकर राजनीति हुई थी, वहीं इस बार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा भी देश की जनता के बीच छाया रहेगा क्योंकि राम मंदिर पर BJP ने जो वादा किया था, वो निभाया भी है, तो इस मद्दे पर उसका वोट मांगना जायज भी बनता है।

चलते-चलते, भाईसाब, आपको बताते चलें कि जब देश अपने शहीद जवानों को नमन कर रहा था, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तो शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए सवाल भी खड़ा कर दिया था कि पुलवामा आतंकी हमले से सबसे ज्यादा किसे फायदा हुआ? राहुल के इस सवाल पर बीजेपी हमलावर थी, वहीं सोशल मीडिया पर लोग भले ही राहुल के सवाल के शब्दों और टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहे थे, लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 26 फरवरी 2019 को बालाकोट में जो एयर स्ट्राइक की, उसे बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त भुनाया और नतीजे बताते हैं कि इसका उसे फायदा भी भरपूर मिला था।

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