Home Latest भारत की बेटियां कब तक सुरक्षित महसूस करेंगीं? | Kanpur Ghatampur Incident

भारत की बेटियां कब तक सुरक्षित महसूस करेंगीं? | Kanpur Ghatampur Incident

0 comment
Kanpur Ghatampur Incident

भाईसाब, आपका खून खौल उठेगा ये जानकर कि देश में महिलाओं के खिलाफ rape की वारदातें रुकने का नाम ही नहीं ले रही है, आपको पता होना चाहिए कि दिल्ली निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा को लेकर देश में बड़े-बड़े वादे किए गए, महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ‘सख्त कानून से लेकर पैनिक बटन’ तक, तमाम तरह के वादों की झड़ी लगा दी गई, लेकिन फिर भी देश में महिलाओं और किशोरियों के साथ नृशंस घटनाएं हो रही है, जो महिला सुरक्षा के खोखले वादों की पोल खोलती है, इस कड़ी में UP के कानपुर जिले एक गांव में बीते दिनों हुई घटना ने UP को ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर के रख दिया है, कानपुर के घाटमपुर में दो किशोरियों के साथ हुई रेप की वारदात पर सिलसिलेवार तरीके से पड़ताल करेंगे और ये जानने की कोशिश करेंगे कि क्या पुलिस असली अपराधी को पकड़ पाई ?

भाईसाब, कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते दिनों हुई घटना ने सभी को झकझोर के रख दिया, वारदात ऐसी कि सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे.. भाईसाब, गांव के रहने वाला एक परिवार घाटमपुर स्थित ईंट भट्ठों में मजदूरी करने गया था, आरोप था कि भट्ठा मजदूरों की बस्ती के एक मकान में दो युवक घुसे और अकेला पाकर दो किशोरियों को पहले तो जमकर पीटा, फिर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, आरोपियों ने इस दौरान दुष्कर्म का वीडियो बना लिया और फोटो भी खींच लिया, जिसके बाद ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। भाईसाब, आपको बताना जरूरी है कि मूल रूप से हमीरपुर जिले के सिसोलर क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय व 14 वर्षीय चचेरी बहनों के शव बीती 28 फरवरी को भट्ठे के पास बेर के पेड़ पर फंदे से लटके मिले थे. भाईसाब, आप सुनकर हैरान हो जाएंगे कि कुछ दिन बाद ही, इस घटना से आहत 16 वर्षीय किशोरी के मजदूर पिता ने भी गांव के पास पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।

भाईसाब, मामले में सबसे गौर करने वाली बात यह है, कि पीड़ित और आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं, एक ही बिरादरी से आते हैं, युवतियों के पिता व भाई बरौली गांव स्थित एलआईसी भट्टा पर काफी समय से काम कर रहे थे, ठेकेदार रामरूप यहां रोज लेबर लेकर आता था, जिसमें उसके सगे रिश्तेदार का बेटा व भांजा रज्जू और संजय भी शामिल था, सभी एक दूसरे को बखूबी जानते थे, किशोरियों ने अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में पिता व भाई को आपबीती बताई थी, जिसे सुनने के बाद किशोरियों के पिता व भाई ईंट-भट्ठे पर पहुंचे, जहां उनका ठेकेदार रामरूप, रज्जू व संजय से विवाद हुआ, दोनों पक्ष में मारपीट भी हुई। भाईसाब दूसरी ओर अपने साथ हुई घटना से दुखी किशोरियां घर से खेत की ओर शौच के बहाने निकलीं और बेर के पेड़ से लटककर जान दे दी। वहीं मृतक नाबालिगों के परिवार जनों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने नहाने के दौरान नाबालिगों का अश्लील वीडियो बना लिया था, इसी से ब्लैकमेलिंग करके दोनों का यौन उत्पीड़न कर रहे थे और मारपीट भी करते थे।

भाईसाब, आपको जानकारी दे दें कि पुलिस ने मजदूरों के ठेकेदार रामरूप, उसके बेटे रज्जू और भांजे संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया, वहीं दूसरी ओर परिवार ने आरोप लगाया था कि घटना से एक दिन पहले ठेकेदार की पत्नी ने उनके घर आकर हंगामा किया था और मुकदमा वापस लेने का दबाव भी बनाया था, इस मामले को लेकर भी पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर गांव के ही ठेकेदार रामरूप की पत्नी निर्मला व उसकी पुत्री सुधा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है, कानपुर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उनका मोबाइल भी कब्जे में लिया है, मोबाइल की जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। चलते-चलते, भाईसाब, बता दें कि महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले दुनिया के हर कोने से सुनाई देते हैं जो मानवता को शर्मसार कर देते हैं, सख्त कानून के बावजूद भी लोग महिलाओं को प्रताड़ित करने वाली अपनी मानसिकता को छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं, आखिरकार क्यों देश की बेटियों के साथ ऐसा हो रहा है? और भारत की बेटियां कब अपने आप को सुरक्षित महसूस कर पाएंगीं?

banner

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.