Home Latest देश में आनेवाली नौकरियों की बाढ़ ! | Job Vacancy in India |

देश में आनेवाली नौकरियों की बाढ़ ! | Job Vacancy in India |

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भाईसाब, एक तरफ जहां देश में सरकारी नौकरियों को पाने की इतनी होड़ मची हुई है कि BA-MA वाले भी चपरासी का पद पाने की दौड़ में शामिल हो जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ टेक व डिजाइनिंग के प्रोफेशनल्स की जमकर नियुक्तियां हो रही हैं। आपको बताना जरूरी है कि ग्लोबल स्तर पर आईटी कंपनियों में हुई भारी छंटनी के बावजूद भारत में आईटी और इंजीनियरिंग वालों की बल्ले-बल्ले हाने वाली है।
आज के इस लेख में हम टेक टैलेंट्स की और देश में आनेवाली नौकरियों की बाढ़ की हायरिंग को लेकर चर्चा करेंगे। अगर आप आईटी और इंजीनियरिंग फील्ड के हैं तो ये लेख आपको सुनहरे अवसरों की जानकारी देगा।

भाईसाब, पहले आपको ये जानकारी देना जरूरी है कि केंद्र सरकार ने अपने वैश्विक विजन से डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी कई प्रभावशाली अभियान धरातल पर उतारे हैं। इसी का सुपरिणाम है कि जहां एक और वैश्विक स्तर पर आईटी कंपनियों में भारी छंटनी हो रही है, वहीं दूसरी ओर भारत में मौजूद दिग्गज मल्टीनेशनल कंपनियों के ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स यानी जीसीसी में टेक व डिजाइनिंग के प्रोफेशनल्स की जमकर नियुक्तियां हो रही हैं। जीसीसी में पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक टेक टैलेंट्स की हायरिंग 35% से 40% बढ़ी है। भाईसाब इतना ही नहीं, अगले 3 से 4 साल में तो मल्टीनेशनल कंपनियों के जीसीसी में 4 लाख से अधिक इंजीनियरों और युवा प्रोफेशनल्स को नौकरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए रोजगार मेलों से भी लाखों युवाओं का नौकरी का सपना साकार हो रहा है। वहीं मेक इन इंडिया का और भारतीय इकोनॉमी की ताकत के चलते दुनियाभर की एमएनसी अब भारत में ही अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की तैयारी में हैं। अब तक ज्यादातर आईटी और सर्विस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां और ऑफशोर वर्क ही भारत आते थे। आईटी स्टाफिंग कंपनी क्वेस की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ग्लोबल कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े जीसीसी तेजी से बढ़े हैं। एमएनसी रिसर्च, डिजाइन और इंजीनियरिंग से जुड़े कामों को भी भारत भेजने लगी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन, ऑटोमोबाइल, टायर व इलेक्ट्रिकल सेक्टर में भी नौकरियों की बूम होने वाली है. भाईसाब, बता दे कि मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग सेंटरों को बढ़ाने में जुट गई हैं। इसके चलते नौकरियों की बहार आने की पूरी संभावना है। इनमें से ज्यादातर नौकरियां आईटी सेक्टर के बजाय मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के लिए होंगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ही नई जॉब को पैदा करेगा। टियर-2 और 3 शहरों के इंजीनियरिंग कॉलेजों से भी फ्रेशर्स हायर होंगे। भाईसाब विशेषज्ञों के अनुसार, मर्सेडीज बेंज, बॉश, मिशलीन, एबीबी, बोइंग, एयरबस, रेनॉ, फोक्सवेगन ग्रुप, स्नाइडर इलेक्ट्रिक, जॉन डिअर, कैटरपिलर, कोंटिनेंटल और कोलिंस एयरोस्पेस जैसी कंपनियां भारत में मजबूती से काम करेंगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की यह बदलती तस्वीर बहुत उत्साहित करने वाली है। बैटरी मैनेजमेंट और हार्डवेयर क्षेत्र में भी कई नौकरियां पैदा होंगी। भाईसाब, इसके अलावा देश में ग्रीन ट्रांसपोर्ट विकल्प बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देना, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना, फ्यूल में एथेनॉल और बायो गैस का मिश्रण करना आदि शामिल हैं। इसलिए पांच साल में ग्रीन एनर्जी सेक्टर से जुड़ी नौकरियां आसानी से उपलब्ध होंगी।
आपको सुनकर हैरानी होगी कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों में शुमार टेस्ला भी अब भारत आने वाली है। भारत के कार लवर्स टेस्ला कंपनी के भारत आने का इंतजार सालों से कर रहे थे, अब उनका ये इंतजार खत्म होने वाला है। सूत्रों की मानें तो 2024 में भारत की सड़कों पर टेस्ला की कारें दौड़ती हुई दिख सकती हैं। टेस्ला कंपनी के आने के साथ ही देश में इलेक्ट्रिकल और ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में नई नौकरियां सृजित होंगी। भाईसाब, आपको ये जानकर खुशी होगी कि टेस्ला भारत में अपनी कारों के आयात के लिए सरकार के साथ मिलकर डील को पक्का कर रही है। इसके अलावा कंपनी 2026 तक अपने मैन्यूफ़ैक्चरिंग प्लांट्स को भारत में लगा सकती है, जिसका ऐलान अगले साल जनवरी में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में हो सकता है। टेस्ला भारत में एक बड़ा निवेश करने की तैयारी में है, अपनी मैन्यूफ़ैक्चरिंग प्लांट्स के लिए कंपनी करीब 2 मिलियन डॉलर्स का निवेश करेगी। खबरों के मुताबिक टेस्ला अपने प्लांट्स महाराष्ट्र गुजरात, और तमिलनाड़ु में खोलेगी। भाईसाब, वहीं ताईवानी कंपनी फॉक्सकॉन भी भारत में विस्तार योजना के तहत 1.6 बिलियन डॉलर यानी करीब 13,000 करोड़ रुपए निवेश करने जा रही है।
भाईसाब, आपको जानकारी दे दें कि देश ही नहीं, विदेश में भी भारत के डंके का जोरदार शंखनाद हो रहा है। भारतीय युवाओं और उद्यमियों की प्रतिभा के चलते विदेशी कंपनियां उनके लिए पलक पांवड़े बिछा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जिन 163 भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में निवेश किया है, उन्होंने सामाजिक दायित्व भी बखूबी निभाया। और इस पर करीब 18.5 करोड़ डालर खर्च किए हैं। अमेरिका में शोध और विकास परियोजनाओं के लिए इन कंपनियों ने एक अरब डालर की फंडिंग की है। भाईसाब, इसी का नतीजा है कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 4.25 लाख लोगों को नौकरियां दी। तो भाईसाब, ये थी जानकारी देश में आनेवाली नौकरियों की बाढ़ के बारे में, आशा करते हैं कि यह जानकारी आपको जरूर पसंद आई होगी, ऐसी ही अन्य रोचक विषय के लिए जुड़े रहें भाईसाब के साथ, धन्यवाद!

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