Home Latest केपटाउन में सबसे छोटे टेस्ट मैच में भारत की बड़ी जीत | India wins in Cape town

केपटाउन में सबसे छोटे टेस्ट मैच में भारत की बड़ी जीत | India wins in Cape town

0 comment
India wins in Cape town

भाईसाब, क्या आपको पता है, हाल ही में भारतीय टीम ने केपटाउन में इतिहास रचते हुए मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से हरा दिया। यह टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में केपटाउन के न्यूलैंड्स में पहली जीत रही। भारत को मुकाबला जिताने में तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने अहम योगदान दिया, आपको बता दें कि भारत-दक्षिण अफ्रीका का दूसरा टेस्ट करीब डेढ़ दिन में ही खत्म हो गया, गेंदों के लिहाज से यह सबसे छोटा टेस्ट मैच रहा, इसके अलावा भी मुकाबले में कई और रिकॉर्ड कायम हुए।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच 5 की बजाय डेढ़ दिन में ही समाप्त हो गया, यह इसलिए ऐतिहासिक माना जाएगा क्योंकि इसमें सिर्फ 642 गेंदें फेकी गई। भाईसाब, यह सबसे छोटा और फटाफट नतीजा देनेवाला टेस्ट मैच रहा, इसके पूर्व 1932 में 109।2 ओवर में मेलबर्न में आस्ट्रेलिया व दक्षिण अफ्रीका का टेस्ट मैच 656 रनों पर समाप्त हुआ था। बता दें कि इसके 92 वर्ष बाद यह रिकार्ड टूट गया जब रोहित शर्मा के नेतृत्ववाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से मात दी। भाईसाब, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, किसी एशियाई टीम की केपटाउन में यह पहली जीत है, इस तरह 2 टेस्ट मैचों की सीरीज बराबरी पर समाप्त हो गई क्योंकि इसके पूर्व सेंचुरियन में खेले गए प्रथम टेस्ट में भारत की पारी से हार हुई थी, रोहित की टीम ने दूसरे टेस्ट में इसका बदला ले लिया। भाईसाब, आपको जानना जरूरी है कि, केपटाउन में मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह ने कमाल कर दिया, सिराज ने दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी में सिर्फ 15 रन देकर 6 विकेट लेकर तहलका मचा दिया, दूसरी पारी में बुमराह ने 61 रन देकर 6 विकेट लिए, इन दोनों तेज गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की सिट्टी-पिट्टी गुम कर दी। भाईसाब, यह भी जान लें कि इस टेस्ट मैच में बुमराह ने 8, सिराज ने 7, मुकेश कुमार ने 4 और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1 विकेट लिया, केपटाउन टेस्ट में हमारे फास्ट बोलर्स ने दोनों पारी मिलाकर पूरे 20 विकेट लिए, भारत के टेस्ट मैचों के 91 वर्ष के इतिहास में तीसरी बार तेज गेंदबाजों ने पूरे 20 विकेट लेने का करिश्मा दिखाया। भाईसाब, यद्यपि भारतीय टीम में रवींद्र जडेजा जैसा स्पिनर भी था लेकिन उससे गेंदबाजी कराने की जरूरत नहीं पड़ी, इसके पूर्व जब 1932 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था तब भी मोहम्मद निसार और अमरसिंह जैसे तेज गेंदबाजों ने गहरा प्रभाव छोड़ा था। केपटाउन टेस्ट में मुकेश कुमार ने डीन एल्गर का विकेट लिया जो मजबूती से डटे हुए थे, वास्तव में बुमराह की वजह से ही भारत को जीत के लिए मुश्किल पिच पर 79 रन का टारगेट मिला जो उसने 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
चलते-चलते, भाईसाब, खास बात यह है कि इस समय भारत क्रिकेट के तीनों फार्मेट यानी टेस्ट, ODI व T-20 में आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन पर है लेकिन एक में भी विश्व चैंपियन नहीं है, इस समय भारत के पास तेज गेंदबाजों की मौजूदगी है लेकिन बुमराह, शमी और मुकेश 30 वर्षों के हो चुके हैं। बुमराह चोटिल होते रहते हैं, इसलिए तेज गेंदबाजों की नई खेप तैयार करना जरूरी है।

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.