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गोरखपुर: हेल्थ केयर | Health Care Gorakhpur |

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अगर बात करें स्वास्थ की, तो गोरखपुर के स्वास्थ्य सेवा संगठन और अस्पतालों ने गोरखपुर के स्वास्थ्य क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है, और पूर्वांचल में मेडिकल के क्षेत्र में उगते हुए सूरज जैसा है।

और एक अच्छी खबर यह है कि निर्माणाधीन आयुष यूनिवर्सिटी और AIIMS के हो जाने से गोरखपुर के स्वस्थ्य सुवधाओं में चार चाँद लग गए हैं।

गोरखपुर में विभिन्न सरकारी, निजी और रेलवे अस्पताल हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाएं और उपकरणों से लैस हैं। यहाँ के चिकित्सा प्रदाताओं की टीम अत्यंत प्रशिक्षित और अनुभवी है, जो मरीज़ो की देखभाल और उपचार के लिए समर्पित है।

शुरूआती दौर में यहाँ बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीज़ो की भरमार रहती थी क्योंकि कोई और बेहतर हॉस्पिटल नहीं हुआ करता था लेकिन पिछले दसक से गोरखपुर स्वस्थ्य सेवा के मामले में पूर्वांचल का हब बन के उभरा है।

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प्राइवेट अस्पतालों ने काफी हद तक मरीज़ों के हर तरह के उपचार और दवाओं से सरकारी अस्पतालों पर से बोझ को कम किया है। वो दीगर बात है कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीज़ के दर्द के साथ-साथ, जेबखर्च का भी दर्द बढ़ जाता है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में मरीज़ को सुविधाएँ भी बेहतर मिल जाती है।

गोरखपुर AIIMS में मरीज़ों का उपचार वर्ष 2019 में शुरू हुआ और आज तक हज़ारो मरीज़ों का उपचार इस संसथान ने किया है। और इतना ही नहीं, गोरखपुर का AIIMS हर साल MBBS बैच के 50 डॉक्टर भी समाज को सुपुर्द कर रहा है।
गोरखपुर वासी दिमागी बुखार का प्रकोप दसकों से झेलते आ रहे है, गोरखपुर में AIIMS के आने का एक प्रुमख कारण ये भी था कि यहाँ के दिमागी बुखार से निपटारा और समीपवर्ती बिहार और नेपाल में स्वस्थ्य सुविधाओं का बेहतर न होना, अब गोरखपुर में AIIMS के होने से केवल बिमारियों का इलाज ही नहीं यहाँ के बेहतरीन डॉक्टर अन्य लाइलाज बीमारों पर रिसर्च भी करते है। मौजूदा हालत में AIIMS गोरखपुर की स्वस्थ सुविधाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।

वैसे गोरखपुर का गुरु श्री गोरखनाथ चिकित्सालय भी यहाँ के मरीज़ों के लिए किसी AIIMS से कम नहीं है, जहाँ सस्ती दवाइयां अच्छा इलाज और मरीजों की अच्छी देखभाल की जाती है। इस अस्पताल को सं 2003 में, ब्रम्हलीन महंथ अवैद्य नाथ जी महाराज द्वारा गरीब और लाचार मरीजों के इलाज के लिए 50 ससैया के साथ शुरू किया गया था जो अब हर तरह के बिमारियों के बेहतर डॉक्टर और अत्याधुनिक मशीनों से लैस है।
ऐसे ही अन्य मेडिकल संस्थानों में सदर जिला अस्पताल, पूर्वांचल दन्त विज्ञान संस्थान, क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान, समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास,पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र और अन्य फार्मेसी संस्थान भी लोगो को स्वस्थ्य रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
गोरखपुर में अब मरीजों को हर तरह की बिमारियों का इलाज, जांच, और एम्बुलेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। अब मरीजों को अपने इलाज़ के लिए बड़े और मेट्रो शहरों में भाग के नहीं जाना पड़ता। हज़ारो मरीजों की जान यहाँ डेली बचाया जाता है, और विषम बिमारियों का इलाज भी यहाँ बेहतर मिलने लगा है कोरोना काल को भी गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था ने बेहतर संभाला है।

गोरखपुर के स्वस्थ्य व्यवस्था के अनुभवों को हमारे साथ कमेंट में जरूर साझा करें।
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धन्यवाद!

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