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देश में सर्वाइकल कैंसर पर सरकार की नजर | Government’s NO action on cervical cancer

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देश में सर्वाइकल कैंसर पर सरकार की नजर | Government's NO action on cervical cancer

भाईसाब, क्या आपको पता है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसने अभी तक देश में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ Human papillomavirus यानी HPV टीकाकरण शुरू करने पर निर्णय नहीं लिया है, वह देश में सर्वाइकल कैंसर के मामलों पर बारीकी से नजर रख रहा है और राज्यों और विभिन्न स्वास्थ्य विभागों के साथ नियमित संपर्क में है, सर्वाइकल कैसर महिलाओं को गर्भाशय में होता है, अटकलें लगाई गई हैं कि सरकार 9-14 आयु वर्ग की लड़कियों के लिए 2024 की दूसरी तिमाही में HPV टीकाकरण अभियान शुरू करेगी, जो ‘सच नहीं’ हैं

जून 2022 में, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने 9-14 आयु वर्ग की किशोरियों के लिए सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एचपीवी टीके की एक खुराक देने की सिफारिश की थी, दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर के मामले घटाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ग्लोबल प्लान जारी किया, पहली बार भारत समेत दुनिया के 194 देश इस कैंसर को खत्म करने के लिए साथ आए हैं. भाईसाब, आपको जानकारी देना जरूरी है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य 2050 तक सर्वाइकल यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के 40% तक नए मामलों को घटाना है और 5 लाख मौतों को कम करना है, WHO के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर खत्म करने के लिए इसकी वैक्सीन, स्क्रीनिंग और ट्रीटमेंट पर ज्यादा फोकस किया जाएगा, 194 देशों में 15 साल की उम्र वाली 90% लड़कियों को 2030 तक वैक्सीन दी जाएगी ताकि इस कैंसर की वजह बनने वाले HPV को रोका जा सके. विशेषज्ञों के मुसाबिक सर्वाइकल कैंसर की वजह HPV है, एक से अधिक पार्टनर के साथ संबंध बनाने पर इस वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है, पेट का अल्ट्रासाउंड कराकर इसकी जांच कराई जा सकती है. भाईसाब, हैरानी की बात ये है कि सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं को होने वाला दूसरा बड़ा कैंसर है, पहले नंबर पर ब्रेस्ट कैंसर है, ऐसा समझा जाता है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होता है, लेकिन कई बार ये पुरुषों को भी हो सकता है, सर्वाइकल कैंसर होने पर जननांग में संक्रमण हो जाता है, अगर समय पर इस पर ध्यान चला जाए तो इसका इलाज किया जा सकता है, लेकिन देर होने पर या संक्रमण फैलने पर इससे मौत हो सकती है.

चलते-चलते भाईसाब, बता दें कि सर्वाइकल कैंसर होने में सालों का समय लग जाता है, इसलिए शुरुआत में इसके लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. सर्वाइकल कैंसर होने पर आमतौर पर जननांग से ब्लीडिंग ज्यादा होती है, सर्वाइकल कैंसर होने पर वजन कम होना, पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, शुरुआत में ही अगर बीमारी पकड़ में आ गई, तो इससे पूरी तरह ठीक हुआ जा सकता है. भारत में इसकी वैक्सीन है, लेकिन अभी ये सिर्फ 9 से 26 साल की लड़कियों के लिए है, 15 से 64 साल की उम्र की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा ज्यादा है.

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