Home Dharohar गीता प्रेस ,गोरखपुर | Geeta Press,Gorakhpur |

गीता प्रेस ,गोरखपुर | Geeta Press,Gorakhpur |

by bs_adm_019
0 comment

गीता प्रेस अपने उदभव काल से ही महात्मा गांधी के शब्दों से प्रेरित होकर अपने किसी भी प्रकाशन में ना ही किसी प्रकार के प्रचार सामग्री को प्रकाशित किया और ना ही किसी प्रकार का धन या दान स्वीकार किया। और आज भी गांधी शांति पुरस्कार को ग्रहण करते समय उन्होंने इस बात का ध्यान रखा और 1 करोड की पुरस्कार राशि को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार करते हुए सिर्फ गांधी शांति पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र को ग्रहण करने की इच्छा सरकार से जताई है।
भाई साब नमस्कार!
हम बात करेंगे गीता प्रेस के इतिहास उद्देश्य और लोकप्रियता के बारे में

गोरखपुर की गीता प्रेस भारत में स्थित एक प्रसिद्ध प्रकाशन भवन है। गीता प्रेस गोरखपुर को मुख्यतः हिन्दू धार्मिक काव्यों एवं महाकाव्यों के प्रकाशन गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

इतिहास:
इसे 1923 में जयदयाल गोयंदका और घनश्याम दास जालान ने मिलकर गोरखपुर में 10 रूपये के किराये के मकान में स्थापित किया था और वर्ष 1955 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया हाल ही में वर्ष 2021 का गाँधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस को दिया गया है।
एक ख़ास बात और आपको बताता चलूँ गीता प्रेस के मुख्य द्वार की बनावट महाराष्ट्र के एल्लोरा गुफा से प्रेरित हो कर बनायीं गयी है

banner

उद्देश्य:

गीता प्रेस का मुख्य उद्देश्य है हिन्दू धर्मग्रंथों के शिक्षाओं को जनमानस के लिए सुलभ बनाना है, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, गीता प्रेस हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, तमिल, गुजराती, बंगाली आदि विभिन्न भाषाओं में किताबें, पम्फलेट, पत्रिकाएँ और अवधारणाएँ प्रकाशित करती है।
बताते चलें की गीता प्रेस पुरे दुनिया की सबसे बड़ी हिन्दू धर्मग्रंथो को प्रकाशित करने वाली संस्था है

गीता प्रेस ने अपने विशाल संग्रहालय के माध्यम से अनेक महत्वपूर्ण पाठों को संग्रहित किया है और उन्हें व्यापक रूप से लोगों के लिए उपलब्ध कराया है। यहां प्रकाशित किताबें और लेखों में संग्रहित ज्ञान, दार्शनिक विचार और आध्यात्मिकता द्वारा यह ध्यान दिलाया जाता है कि जीवन का उद्देश्य क्या है और कैसे धार्मिक अध्ययन व्यक्तिगत और सामाजिक स्तरों पर महत्वपूर्ण है।

लोकप्रियता:

विदेशों में भी गीता प्रेस प्रकाशन को सराहा गया है। गीता प्रेस की प्रकाशन गतिविधियाँ न केवल धार्मिक ज्ञान को फैलाने में मदद करती हैं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी आध्यात्मिकता को बढ़ाने और समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य करती है।

आशा करते हैं यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी।

धन्यवाद!

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.