Home Latest पाकिस्तान आर्थिक तंगी! क्या पाकिस्तानी जनता है जिम्मेदार?

पाकिस्तान आर्थिक तंगी! क्या पाकिस्तानी जनता है जिम्मेदार?

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शुरुवात करते है इतिहास से , २२ अक्टूबर १९४७ का दिन था जब दोनों देशो को आज़ादी मिले कुछ ही महीने हुए थे । पाकिस्तान ने कश्मीर पे कब्ज़ा करने के लिए पस्तून मिलिटेंट का सहारा लेकर भारत पर पहला आक्रमण किया गया , उस वक़्त दोनों देश आर्थिक तंगी और अनाज की किल्लत से जूझ रहे थे, लेकिन इन सब हालातो के बावजूद पाकिस्तान ने भारत पे आक्रमण करने का निर्णय लिया। इस युद्धः में पाकिस्तान को मुँह की कहानी पड़ी थी और राजा हरी सिंह के कहने पर भारत ने फ़ौज भेज कर इन मिलिटेंट्स को खदेड़ा था और यह सील सिला एहि थमा नहीं पकिस्तान ने आजादी से आज तक ४ बार आक्रमण किया और हर बार अंजाम उनके लिए बहुत बुरा साबित हुआ है ।
अब बात करते है पाकिस्तान के राजनितिक स्थाईत्वा के बारे में, आज तक पाकिस्तान में लगभग हर इलेक्शन कोर्ट के आदेश पर हुआ है और इनका कोई भी प्राइम मिनिस्टर ना तो पूर्ण बहुमत से चुनकर आया है और ना ही अपने 5 वर्ष के कार्यकाल को पूरा कर पाया है।

अब जानते है मिलिटरी इंटरफेरेंस के बारे में :
पाकिस्तान की मिलिट्री एक रक्षा तंत्र नहीं जबकि एक व्यवसाय है। यहाँ की मिलिट्री सीमेंट बनाने का कारोबार , प्रॉपर्टी डीलिंग , नारकोटिक्स के आयत निर्यात आदि काम करती है।साथ ही साथ पॉलिटिक्स में यह सुनिश्चित कराती है। उनके पसंद का नेता देश को चलाये जिसके लिए ये लोग बूथ कैप्चरिंग करवाते है । कारगिल युद्ध के समय पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को पता तक नहीं था की उनकी मिलिटरी भारत के साथ युद्ध में उतर चुके है और सबसे बुरा हाल तो तब हुआ जब बांग्लादेश अलग हुआ और इनके ९० हज़ार से ज्यादा सैनिको को आत्म समर्पण करना पड़ा । पिछले ७५ सालो में ४ युद्ध लड़ चूका है और चीन को छोड़ कर इसके किसी भी पडोसी देश से सम्बन्ध अच्छे नहीं बन पाए है । पाकिस्तान में कोई ऐसी संस्था ही नहीं है जो कर्रप्शन को उजागर करे जैसे भारत में CAG और अलग अलग ऑडिट संस्थाए है। पाकिस्तान अगर किसी देश किसी इंट्रेस्ट रेट पर कर्ज लेता है तो उस कर्ज को चुकाने के लिए किसी दूसरे देश से और हैवी इंट्रेस्ट रेट पे क़र्ज़ लेता है , और अब तो स्थिति यह है की IMF से लिए गए कर्ज ना दे पाने पर IMF पाकिस्तान को दिशा निर्देश देता है की आपको देश में महंगाई का स्तर कितना रखना है। पाकिस्तान आजादी के बाद सबसे पहले वर्ष 1958 में IMF के पास क़र्ज़ लेने पहुंचा था । किसी देश को बेहतर होने के लिए वहाँ का इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और शिक्षा का होना सबसे जरूरी माना जाता है। लेकिन पाकिस्तान अगर बात की जाये तो शुरूआती दौर में तो इंडस्ट्री थी लेकिन उनका अब बिघटन हो गया हैं ।आतंकवाद की वजह से पाकिस्तान अक्सर FATF की ग्रे लिस्ट में रहता है।

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