Home Latest चंद्रयान 3: भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धि |

चंद्रयान 3: भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धि |

0 comment

नमस्कार भाईसाब! आखिरकार हमारा चंद्रयान ३ चाँद पर लैंड हो गया है । हम दुनिया के पहले ऐसे देश बन चुके है जो चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतर चुके है और दुनिया के ऐसे तीसरे देश है जो चाँद पर बिलकुल आराम से लैंड कर पाए है । जिसको बिग्यानी भाषा में सॉफ्ट लैंडिंग बोलते है चाँद पर उतरने का इस से पहले यह कारनामा अमेरिका और चीन ने किया है ।

यहाँ आपके मन में एक सवाल आया होगा के हम तीसरे देश कैसे बने, रूस भी तो चाँद पर उतार चुका है , तो इसका जवाब यह है के , वह रूस नहीं था वह एक देश था जिसका नाम था USSR जिसने चाँद पर लैंडिंग करवाया था और USSR का टूट चूका है और रूस का नाम इसलिए नहीं लिया जा सकता क्योकि पिछले दशको में उनके स्पेस मिशन में सफलता बिलकुल ना के बराबर रही है और अभी हाल में ही उन्होंने लूना 25 कर के एक चंद्र मिशन भेजा था वो भी असफल रहा है तो इस प्रकार वर्तमान स्थिति को देखते हुए हम कह सकते है भारत दुनिया का तीसरा देश बना है जो चन्द्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कर पाया है ।

चंद्रयान ३ मिशन में महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाले वैज्ञानिक:

१) एस सोमनाथ , इसरो अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है ,
भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रमा मिशन के पीछे इसरो प्रमुख एस सोमनाथ का दिमाग है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमनाथ को गगनयान और सूर्य-मिशन आदित्य-एल1 सहित इसरो के अन्य मिशनों को गति देने का भी श्रेय दिया गया है। भारत के अंतरिक्ष संगठन का नेतृत्व करने से पहले, सोमनाथ ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र और तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र और इसरो के लिए रॉकेट प्रौद्योगिकियों के विकास के प्राथमिक केंद्र के निदेशक के रूप में भी काम किया है।

banner

२) पी वीरमुथुवेल जी चंद्रयान-3 के PROJECT DIRECTOR
पी वीरमुथुवेल ने 2019 में चंद्रयान -3 के परियोजना निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। वह तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले के एक छोटे परिवार से हैं। पीएचडी धारक वीरमुथुवेल IIT, मद्रास के पूर्व छात्र हैं।
वह 2014 में इसरो में शामिल हुए जहां उन्होंने कई परियोजनाओं पर काम किया और मंगल ग्रह ऑर्बिटर मिशन सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

३) एस उन्नीकृष्णन नायर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक
एस उन्नीकृष्णन नायर केरल के थुम्बा में स्थित वीएसएससी के निदेशक हैं। वीएसएससी के प्रमुख के रूप में, एस उन्नीकृष्णन नायर और उनकी टीम ने इस महत्वपूर्ण मिशन के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी की।
चलिए अब बात करते है विशेषज्ञ ए राजराजन जी के बारे मैं । वह मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम (गगनयान) और एसएसएलवी सहित इसरो की लॉन्च की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ठोस मोटर उत्पादन और लॉन्च जटिल बुनियादी ढांचे की देखरेख पर कार्य करते हैं।

४) कल्पना के (Kalpana K) एक महिला वैज्ञानिक और एयरोस्पेस इंजीनियर हैं जो इसरो में बतौर चंद्रयान-3 मिशन के उप परियोजना निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. कल्पना ने भारत के विभिन्न उपग्रहों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और चंद्रयान-2 और मंगलयान मिशन में भी शामिल रही थीं।
चंद्रयान-3 मिशन में करीब 54 महिला इंजीनियरों/वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया था. जिसकी वजह से हमको आज ये अद्वितीय सफलता मिली हैं और मै इन सभी को नमन करता हु जिन्होंने इस ख़ुशी को हम एक सौ चालीस करोड़ देशवासियों को दिया हैं ।

ऐसेही और जानकारी के लिए जुड़े रहिये भाईसाब के साथ ।

You may also like

bhaisaab logo original

About Us

भाई साब ! दिल जरा थाम के बैठिये हम आपको सराबोर करेंगे देशी संस्कृति, विदेशी कल्चर, जलेबी जैसी ख़बरें, खान पान के ठेके, घुमक्कड़ी के अड्डे, महानुभावों और माननीयों के पोल खोल, देशी–विदेशी और राजनीतिक खेल , स्पोर्ट्स और अन्य देशी खुरापातों से। तो जुड़े रहिए इस देशी उत्पात में, हमसे उम्दा जानकारी लेने और जिंदगी को तरोताजा बनाए रखने के लिए।

Contact Us

Bhaisaab – All Right Reserved. Designed and Developed by Global Infocloud Pvt. Ltd.