Home Dharohar चलो, अयोध्या घूम कर आते हैं… | Ayodhya – A tourist attraction!

चलो, अयोध्या घूम कर आते हैं… | Ayodhya – A tourist attraction!

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Ayodhya - A tourist attraction!

भाईसाब, आपको ये जानकर बहुत गर्व होगा कि रामलला प्राणप्रतिष्ठा के बाद भगवान राम की नगरी अयोध्या पर्यटन की दृष्टि से भी विश्व के मानचित्र पर स्थापित हो गई है। एक तरफ जहां रामलला अपने भव्य महल में विराजमान हो गए, तो दूसरी दुनियाभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। भाईसाब ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि कि आखिर अयोध्या में राम मंदिर के अलावा और क्‍या खास है? चलो, अयोध्या घूम कर आते हैं।।।

जय श्रीराम भाईसाब, रामलला की जन्मस्थली अयोध्या सबसे प्राचीन शहरों में से एक है, इसका अन्य नाम साकेत भी है और इस नगरी का पुराना नाम, कौशल देश भी था, आपको बता दें कि अयोध्या भारत में हिंदुओं के सात सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है, यहां का राम मंदिर विश्व के कोने-कोने में मौजूद रामभक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, इसके अलावा सरयू नदी के तट पर बसी राम की नगरी अयोध्या मठ मंदिरों की वजह से भी विश्व विख्यात है। यही स्थान है जहां पौराणिक ग्रंथ-रामायण की रचना भी हुई है,भाईसाब, अयोध्या मुख्य रूप से मंदिरों का शहर है, जिसकी स्थापना मनु ने की थी, यहां हिंदू, मुस्लिम, जैन व बौद्ध धर्म के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं, इसकी प्राचीनता ही इसका सबसे उच्चतम गुण है जो यात्रियों को बेहद लुभाता है। भाईसाब, यहां स्थित कनक भवन अपने आप में बड़ा आकर्षण का केंद्र, मान्‍यता है कि त्रेता युग में रानी कैकई ने माता सीता को उनकी मुंह दिखाई में यह महल दिया था, आज यहां प्रभु राम के साथ माता सीता और उनके चारों भाई विराजमान हैं, बड़ी संख्या में श्रद्धालु कनक भवन में भी दर्शन पूजन करने जाते हैं। आपको जानकारी के लिए बता दें कनक मतलब सोने से बना होता है, इसलिए इसे “सोने का घर” भी कहा जाता है, मंदिर में भगवान राम व सीता की बेहद खूबसूरत प्रतिमा है जिनके सिर पर सोने का ताज स्थापित है,भाईसाब मूर्ति देखकर ही आप इसकी महीन कलाकारी के मुरीद हो जाऐंगे, भाईसाब इस भवन के एक हिस्से में गीत-संगीत का अद्भुत प्रदर्शन किया जाता है जो यहां का मुख्य आकर्षण है और इसी कारण यहां यात्रियों की भारी भीड़ हमेशा बनी रहती है। इसके अलावा यहां भगवान राम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित ‘नागेश्वर नाथ मंदिर’ राम की पैड़ी पर स्थित है, सावन माह और शिवरात्रि पर लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। भाईसाब, अयोध्या में प्राचीन और सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर भी है, धार्मिक मान्यता है कि हनुमानगढ़ी में जाकर पहले हनुमान जी के दर्शन करने होते हैं, इसे बाद उनसे आज्ञा लेने के बाद प्रभु राम के दर्शन किए जाते हैं, हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन पूजन करते हैं और बजरंगबली से आशीर्वाद लेते हैं। भाईसाब, पर्वत की चोटी पर स्थित हनुमान मंदिर तक पहुँचने के लिए 76 सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है, मंदिर में भगवान राम की 6 इंच की मूर्ति है व हनुमान की उनकी मां के साथ भी मूर्ति है, कहा जाता है कि लोग यहाँ अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करने व अपने पापों का प्रायश्चित करने आते हैं। वहीं भाईसबा, नवरात्रि के दौरान अयोध्या के प्रमुख सिद्ध शक्तिपीठ मां छोटी देवकाली मंदिर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है, आपको बता दें, इस मंदिर में माता सीता द्वारा स्थापित माता पार्वती की प्रतिमा है जो आज मां देवकाली के नाम से प्रसिद्ध हैं, इस स्थान पर पूजा आराधना करने से सभी मनोकामना पूर्ण होता हैं। भाईसाब, यहां ‘भगवान मतगजेंद्र मंदिर’ भी है, जिन्‍हें अयोध्या का कोतवाल भी कहा जाता है। आपको बता दें कि भगवान मतगजेंद्र, विभीषण के पुत्र हैं, पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जब प्रभु श्री राम साकेत गमन के लिए जाने लगे तो हनुमान को अयोध्या का राजा और विभीषण के पुत्र मतगजेंद्र को अयोध्या का कोतवाल बनाया था। साल में एक बार होली के बाद पहले मंगलवार को मतगजेंद्र पर मेला लगता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान मतगजेंद्र की पूजन अर्चन के लिए आते हैं। भगवान राम ने मतगजेंद्र को आशीर्वाद दिया था कि जो भी भक्त तुम्हारा दर्शन करेगा उनको मनवांछित फल प्राप्त होगा।

भाईसाब, यहां दशरथ महल भी है जो प्राचीन और त्रेता युगीन है, इस महल में राजा दशरथ निवास करते थे, इसके अलवा यहां का सूर्य कुंड भी बहुत प्रसिद्ध है, बता दें कि त्रेता युग में जब प्रभु राम लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटे थे, तो अयोध्यावासी समेत सभी देवी देवताओं ने उनका स्वागत किया था। उस दौरान भगवान सूर्य भी एक महीने तक अयोध्या में रुके थे, आज भी सूर्यकुंड दर्शन नगर में स्थित है, प्रभु राम की गाथा पर यहां पर रोजाना लेजर शो का आयोजन भी होता है। भाईसाब, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या की हृदय स्थली कही जाने वाली ‘राम की पैड़ी’ पर सबसे लंबे पर्दे पर लेजर शो का आयोजन होता है, जहां भगवान राम की कथा दिखाई जाती है। साथ ही इसी जगह पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन भी किया जाता है, राम की पैड़ी के बीचों बीच माता सरयू का आचामन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु करते हैं, भाईसाब, ये भी जान लें कि सरयू तट पर विश्‍वभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, धार्मिक मान्यता है कि सरयू तट पर स्नान करने से जातक को सभी पाप से मुक्ति भी मिलती है, इतना ही नहीं स्वयं तीर्थ के राजा प्रयाग भी अपना पाप धुलने के लिए अयोध्या आते हैं, और हां , सरयू नदी के तट पर गुप्ता घाट भी स्थित है। धार्मिक मान्यता है कि प्रभु राम अपने धाम को इसी घाट से गए थे। आज गुप्ता घाट पर्यटन की दृष्टि चर्चा में है, इसके अलावा यहां त्रेता के ठाकुर, सीता की रसोई, तुलसी स्मारक भवन संग्राहलय, रामकथा पार्क, मोती महल, राजा मंदिर आदि असंख्य दर्शनीय स्थल आपको धार्मिकता के रंग में रंग देंगे।
चलते-चलते, भाईसाब, आपको बताना जरूरी है कि प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या की हर गली, हर घर में राललला के लिए लोरियां सुनाई देती हैं, करीब 8 हजार मठ-मंदिरों के इस शहर के हर मंदिर की अपनी अलग मान्यताएं हैं, अपनी परंपराएं हैं, राम नगरी अयोध्या में स्थित कई ऐसे प्रमुख और ऐतिहासिक धरोहर हैं, जहां आज भी त्रेतायुग की झलक दिखती हैं, अयोध्या के दर्शनीय स्थल आपको पवित्रता व धार्मिकता से जोडेंगे, अयोध्या राम मंदिर मंदिर के दर्शन पाकर आप धन्य हो जाऐंगे, हर तरफ भक्ति व अराधना का माहौल आपको मोहित कर देगा।

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